मुक्तक

तेरे बग़ैर तन्हा रहने लगा हूँ मैं।
तेरी बेवफ़ाई को सहने लगा हूँ मैं।
जब भी ग़म तड़पाता है मेरे ख़्यालों को-
अश्क़ बनकर पलकों से बहने लगा हूँ मैं।

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

7 responses to “मुक्तक”

  1. Anjali Gupta Avatar

    सुंदर प्रयास

  2. Mithilesh Rai Avatar
    Mithilesh Rai

    आप सभी को धन्यवाद

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
    महेश गुप्ता जौनपुरी

    वाह बहुत सुंदर रचना

  4. राम नरेशपुरवाला

    Good

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