मुक्तक

क्यों तुम मेरी यादों में ग़म कर जाते हो?
आकर मेरी निगाह को नम कर जाते हो।
दर्द की आहट से डर जाती है ज़िन्दग़ी-
मेरी ख़ुशियों के पल को कम कर जाते हो।

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

5 responses to “मुक्तक”

  1. Pratima chaudhary

    सुन्दर प्रस्तुति

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