मुलाकात

जिनके आने के ख्वाब में हम पलकों को बिछाये बैठे हैं ,
वो किसी और के ख्वाबों को पलकों पर सजायें बैठे हैं
चलों ये गुस्ताखी भी हम माफ करें , गुफ्त़गू के लिये मुलाकात करें ,
पर कब तक यूँ ही बात करें , दिन रात वफा की फरियाद करें ,
आओ हम नई शुरूआत करें ख्वाबों में ही क्यूँ ना मुलाकात करें,

Comments

5 responses to “मुलाकात”

  1. Ankit Bhadouria Avatar
    Ankit Bhadouria

    nice 1 Ushesh…..keep going!!

    1. Ushesh Tripathi Avatar
      Ushesh Tripathi

      thank you bhaIYA

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

  3. Abhishek kumar

    Shaandar

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