मुस्कुरा के दिखाने, से क्या फ़ायदा
दर्द ए दिल को छुपाने, से क्या फ़ायदा
उसने नज़रों से, नज़रों पे जो वार की
अब यूं नज़रे चुराने, से क्या फ़ायदा
तुमने ठुकरा दिया था, मुझे एक दिन
चाँद अब घर बुलाने, से क्या फायदा
ज़ख्म देकर मुझे, तुमने घायल किया
दिल से अब दिल मिलाने, से क्या फ़ायदा
इश्क ने कम किया जो, जहर का असर
अब ये पीने पिलाने, से क्या फ़ायदा
वक़्त का था तकाज़ा, मै उसका हुआ
दिल में अब तेरे आने, से क्या फ़ायदा
दिन ब दिन वक़्त यूं ही, निकलता गया
अब यूं नाख़ून चबाने से, क्या फ़ायदा
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