मेरी कविता

मेरी कविता लफ़्जों को नहीं
अहसासों को जोड़ती है
तोड़ती है अकर्मण्य बेड़ियों को
लोगों को जोड़ती है

Comments

6 responses to “मेरी कविता”

  1. सीमा राठी Avatar
    सीमा राठी

    bahut badia

  2. DV Avatar

    purposeful write.. like it

  3. राम नरेशपुरवाला

    Good

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