मेरी गाँव मुझे बुला लो,
मुझे अकेलपान अच्छा नही लगता मुझे बोला लो।।
बुढ़े को खिजलाना खटीया इधर उधर करना,,
ये मुझे याद आती मेरी गाँव मुझे बोला लो,,
बाबु जी से चुड़ाकर सिगरेट पीना ,,बाबु जी को झुठ मुठ बोल कर पैसा ठकना,,
ये मुझे याद आती मेरी गाँव मुझे बुला लो।।
दादा के बठुआ से दो चार रूपया निकाल कर गुल्ली खेलना,,
भैया के डर से चौकी के नीचे छुपना तुतला कर बोलना अब ऐछा गलती नही होगा भैया मुछे माँफ कर दो ।
इस तरह का बोलना मुझे बहुत याद आती मेरी गाँव मुझे बुला लो।।
मेरे चेहरे के सारे खुशी ठिकेदार के हाथ मे है
दो जुम की रोटी कभी देता कभी लायन मे ही भर दिन खड़ा रह जाता ,
अब मेरी गाँव मुझे बुला लो।।
ज्योति
मो न० 9123155481
मेरी गाँव मुझे बुला लो

Comments
3 responses to “मेरी गाँव मुझे बुला लो”
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वाह
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आपका अभार
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वाह
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