मै जीत गया होता, मै हार गया होता

मै जीत गया होता, मै हार गया होता,
तेरा साथ जो ना होता, मै उलझ गया होता,
तेरे साथ का है ये असर जो दौड़ उठा हूँ मै
नही तो दुनिया की भीड़ मे सिमट गया होता,
मै जीत गया होता, मै हार गया होता,
माँ वचन तेरा अब भी मेरा साथ निभाता है
गिरने से बचाता है गुमने से बचाता है,
नही तो एक बार फिर……
मै हार गया होता, मै जीत गया होता
मेरे मन मे है क्या ये सब तू जानती है
मेरे मन का कोना कैसे पहचानती है?
तेरी अभिलाषाओ ने हाँ मुझे संभाला है
छोटे से उस कस्बे से यहा तक पहुंचाया है
सन्सय से भरा वो राग पुनः दोहराता हूँ
की
मै हार गया होता या जीत गया होता..

Comments

One response to “मै जीत गया होता, मै हार गया होता”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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