“मोहब्बत हो गई”

मुझे उनसे बहुत मोहब्बत हो गई,

अरे ये क्या कयामत हो गई,

रातों की नींदें उड़ गई,

दिन का चैन खो गया,

मेरे दिल की तारें उनके दिल से जुड़ गई,

हर रोज मेरी आंखे उनकी राह देखती है,

और मन मे हर रोज एक नई किरण बनती है

खुदा भी एक बार महरबानी हो जाए,

और कबूल कर ले मेरी ये पुकार तो

खुल जायेंगा अपने ये नसीब

जब होंगे मेरा Gugu मेरे करीब………….

Comments

3 responses to ““मोहब्बत हो गई””

  1. Antariksha Saha Avatar
    Antariksha Saha

    Kya baat

  2. Anu Mehta

    🙂 🙂

  3. राम नरेशपुरवाला

    Good

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