यक्षिणी की वेदना

यक्षिणी की वेदना के शूल:-
***********************
प्रश्न करेंगे
खुदा से अभी हम
क्यूं ना आया है चंदा
रोज देखें गली हम…

वो नादान है
थोड़ा दिल का है नाजुक
उसके रस्ते में गुलशन के
माफिक बिछे हम
उठाई कलम आज
एक अर्से के बाद
भूल बैठे थे उसको
जिसके आदी हुए हम
अनुराग से भरा फरवरी भी गया
क्यूं ना आया वो महबूब
जिसकी खातिर जिये हम…!!

Comments

2 responses to “यक्षिणी की वेदना”

  1. vivek singhal

    This comment is currently unavailable

  2. vivek singhal

    This comment is currently unavailable

Leave a Reply

New Report

Close