याद

आँखों के झरनो में तेरी याद बाहा करती है
पलके मूँद बस ये फ़रियाद कहा करती है
एक दिन बस मेरी जिंदगी से मिला दे
तेरे लिए ये साड़ी जवानी बयां करती है

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2 responses to “याद”

    1. Ravi Bohra Avatar
      Ravi Bohra

      Dhanyawad sirji

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