एक दिन मधुसूदन ने,पार्थ को था विचलित देखा,
मन बड़ा व्याकुल और व्यथित देखा,
पूछते मधुसूदन,पार्थ!कहो क्या है बात ,
बोले पार्थ, हे मधुसूदन,ऐसा बतला दो कोई राज,
यदि बड़ा प्रसन्न मन हो जाए,
करो कुछ ऐसा कि प्रसन्नता छुप जाए,
यदि बड़ा दुखी मन हो जाए,करो कुछ ऐसा चमत्कार जो दुख के बादल छंट जाएं,
दिया मधुसूदन ने पार्थ को जवाब,
“ये वक्त भी बीत जाएगा” यह रखो हमेशा याद
बस इस जीवन के सुख दुख का यही है राज
इतना ही समझ लो तुम हे पार्थ।।।
ऐसी स्थिति हम सब के साथ भी बनी है आज
बनना होगा हम सब को भी पार्थ
कान्हा की स्तुति करें सब साथ
धन्वंतरि जी को भी करें याद
ईश्वर पर रखें अपना विश्वास
सोचे हम सब मिलकर साथ
“”ये वक्त भी बीत जाएगा””
—-✍️— एकता
ये वक्त भी बीत जाएगा
Comments
5 responses to “ये वक्त भी बीत जाएगा”
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बहुत खूब
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धन्यवाद
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बहुत खूब
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उत्साहपूर्ण रचना
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ईश्वर पर रखेंअपना विश्वास,
सोचे हम सब मिलकर साथ,
“ये वक्त भी बीत जाएगा”
____बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
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