राणा प्रताप का रक्त और हम कुंभा की कुर्बानी है
हम है गीता की कृष्ण ध्वनि निर्मल गंगाजल पानी है
उबल रहा है बीर शिवा का शोणित निज भुजदंण्डो मे
हम हाड़ी की बलिदान कथा ,झाँसी की अमर कहानी है
हम वेद ऋचाओं का गायन , हम ही पुराण की वानी है
हम है धर्म ध्वजा धरती के , हम ही घाटी कल्यानी है
संपूर्ण विश्व कल्याण हेतु , हम ही अपार जल सिंधु है
है गर्व हमे हम हिंदू है , है गर्व हमे हम हिंदू है
राणा प्रताप का रक्त और हम कुंभा की कुर्बानी है
Comments
2 responses to “राणा प्रताप का रक्त और हम कुंभा की कुर्बानी है”
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Nice sir
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वाह
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