राम

दीन दयाल प्रनत पालक
दीन बंधू हे राम

जन्मूँ या मरुँ
परे तुम्ही से काम

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

Comments

One response to “राम”

Leave a Reply

New Report

Close