वही पुरानी तसल्ली

न तुम थे न हम थे न वो बात रही,
न ये रुतबा मिला न वो औकात रही ।

Comments

3 responses to “वही पुरानी तसल्ली”

  1. Rajneesh Kannaujiya Avatar
    Rajneesh Kannaujiya

    Thankx

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