शत शत नमन

पिता बाँके बिहारी इलाहाबाद में नाजीर थे
महारानी विक्टोरिया की आस्था में लीन थे
ससुर “राय साहब” उपाधि से दे मण्डित
आसपास के सभी ब्रिटिशों में आसक्त थे
ऐसी ही आव-ओ-हवा में, दुर्गा के हौसले बुलंद थे

Comments

One response to “शत शत नमन”

Leave a Reply

New Report

Close