शायरी

ये जालिम मै अपने दिल के टुकड़े को पहाड़ लूँगा,
लेकिन सुन ले इसके बाद तुम्हारा क्या होगा।

Comments

One response to “शायरी”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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