शिकवा

शिकवा है मुझे उससे, जिसने लिखी हैं अधूरी कहानियां,
क्यों कराया था मिलन, गर परवान- ए- मोहब्बत की औकात ना थी।
AK

Comments

4 responses to “शिकवा”

  1. Antariksha Saha Avatar

    उपर वाला कब क्या करता है क्यो करता है कौन जान सका है भाई

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar

    सुन्दर प्रस्तुति

  3. बहुत ही सुंदर, वाह

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