शेर की शादी में देखो,
गीदड़ बराती आए हैं,
ठांट बांट सब रंग चढ़ा कर,
ब्याह रचाने आए हैं,
बन जाएगा कल से
शेर भी गीदड़
खुशी मनाने आए हैं,
शेर की शादी में देखो,
गीदड़ बराती आए हैं।
शेर की शादी में देखो (हास्यव्यंग)
Comments
12 responses to “शेर की शादी में देखो (हास्यव्यंग)”
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व्यंग का प्रशंसनीय प्रयास।👍
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हार्दिक धन्यवाद
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Wow!!❤
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Thank you so much
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Good thought
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Thank you
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वाह वाह
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धन्यवाद
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लक्षणा शब्द शक्ति का बहुत सुंदर प्रयोग
विवाहित दोस्तों को -गीदड़
जो अभी तक कुंवारा है दूल्हे के लिए- शेर
बहुत सुंदर प्रतीकों का प्रयोग
अगर भाव की बात करें तो दो पंक्तियों में बात पूरी हो जाती है
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई ,सबको ठीक करें लुगाई😁😊😁👏👏-

इससे अच्छी समीक्षा शायद ही कोई करें ,धन्यवाद सर
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बढ़िया जी
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Thank you
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