श्राद्ध

श्रद्धा का श्राद्ध
करते हैं पितरों को याद
जिन्होंने जन्म दिया,
पालन पोषण किया,
जो जीवन भर हमारे लिए जूझे
उन्हें करते हैं याद,
इसीलिए कहते हैं,
श्रद्धा ही है श्राद्ध।
बना अन्न जल
उन तक पहुँचे,
यही धारणा रही है,
मगर नहीं भी पहुँचे तो
हम याद तो करेंगे
उन्हें जिन्होंने जन्म दिया
उन्हें हम याद तो करेंगे।

Comments

One response to “श्राद्ध”

  1. यादों पर बहुत सुन्दर काव्य कृति

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