सच्चा संघर्ष तुम्हें जीत देगा
ओस की बूंद बनकर
सूरज के आने पर
छुप न जाया करो
वरन हिम्मत रखो।
रात ही है नहीं तुम्हारे लिए
दिवस भी है तुम्हारे लिए
मुकाबला कर लो
मुकाबला करो
हरेक स्थिति से
सच्चा संघर्ष तुम्हें जीत देगा
सच्चा सा प्रेम तुम्हें मीत देगा।
दिल का गुंजार तुम्हें गीत देगा।
उठो हौसला रखो
और जीत का स्वाद चखो।
अतिसुंदर रचना
वाह, बहुत खूब
So nice poem wow
सच्चे संघर्ष की कीमत बताती हुई कवि सतीश जी की बहुत ही उम्दा रचना । बेहतर शिल्प और सुंदर भाव लिए हुए बहुत ही सुन्दर कविता
सुन्दर रचना