सपने आज़ाद है

बात एक शायर की करता हू
जिसे अपनों ने ठुकराया
वफ़ा की साजिस देखो
बेवफाए मोहब्बत ने
ज़िन्दगी की सबसे बड़े
सच से वाकिफ बनाया
की यह चलती जाती है

सुर्ख हवाएं बस ये एलान किए जाती है
ज़िन्दगी जिए जाती है
ज़िन्दगी जिए जाती है
कुछ लम्हे अधूरे ही शायद ठीक है
जो ज़िन्दगी मे लड़ने का जज़्बा दिए जाती है

बात पूरी हो तोह ज़िन्दगी के फसादो की सीख बोझिल हो जाती है
अधूरी हो तोह कुछ अनकही बाते रातों को याद आ जाती है
ज़िन्दगी मे जो खोया वोह सपनो ने तुझसे मिला कर पूरा किया
समाज और लोगों का बस मेरे ज़िन्दगी मे तोह चलता है
पर सपने आज़ाद है

Comments

2 responses to “सपने आज़ाद है”

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

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