सवेरा हुआ है

जाग मन
सवेरा हुआ है
गायब वो सारा
अंधेरा हुआ है,
अब भी क्यों
आलस ने
घेरा हुआ है।
जाग मन सवेरा हुआ है।
अधिक क्या कहना
सूरज की किरण
बता ही रही हैं,
सवेरा हुआ है,
जाग मन
सवेरा हुआ है।

Comments

One response to “सवेरा हुआ है”

  1. बहुत सुन्दर रचना

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