सैकड़ों लोग लापता हो गए

हिमखंड टूटा
पानी का ऐसा प्रवाह आया
वे पत्तों की तरह बह गए
देखते ही देखते
सैकड़ों लोग लापता हो गए।
जाने कहाँ खो गए।
चीत्कार- करुण-क्रन्दन
से रो उठी घाटी,
प्रवाह बह गया
केवल मजदूरों के
निशान रह गए बाकी।

Comments

8 responses to “सैकड़ों लोग लापता हो गए”

  1. Geeta kumari

    उत्तराखंड पर आई विपत्ति पर कवि सतीश जी की बहुत संजीदा रचना

    1. Satish Pandey

      बहुत धन्यवाद

  2. उत्तम रचना सर

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद जी

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

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