हम शिक्षक हैं -01

हम शिक्षक हैं शिक्षा की लौ दिखलाते हैं
देश के नौनिहालो में उम्मीद की किरण जगाते हैं ।
समाज की प्रतिष्ठा हमसे है
हम भारत भाग्य विधाता हैं
मुल्क का मान बढ़ाने को,
हम ज्ञान का सुमन खिलाते हैं
देश के नौनिहालो में उम्मीद की किरण जगाते हैं ।।
सभ्य नागरिक गढ़ने को
नैतिकता का पाठ पढ़ाते आये हैं
किसी क्षेत्र विशेष में बंधे नहीं
विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाते हैं
देश के नौनिहालो में उम्मीद की किरण जगाते हैं ।।

Comments

3 responses to “हम शिक्षक हैं -01”

  1. अतिसुंदर रचना

    1. suman kumari Avatar

      सादर आभार

  2. Pratima chaudhary

    बहुत ही उम्दा रचना

Leave a Reply

New Report

Close