तेरे बाहों के हार में, सब कुछ हार जाऊं।
तुझ पर अपना दिलो – जां मैं वार जाऊं।
तुझ से हार कर भी जीत है मेरी ‘देव’,
तेरे आगोश में, जन्नत का मैं करार पाऊं।
हार
Comments
6 responses to “हार”
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Awesome
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Thanks
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bahut khoob
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सहृदय आभार
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Good
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Thanks
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