ग़ालिब

ग़ालिब के जन्मदिन पर सभी शायरों, कवियों को हार्दिक शुभकामनाये…
ग़ालिब ये किस जहान में तू हमे छोड़ गया है
ना सच्चाई है ना अफसाने ना यार रहे ना दीवाने
@प्रदीप सुमनाक्षर

Comments

4 responses to “ग़ालिब”

  1. सीमा राठी Avatar
    सीमा राठी

    कहीं भी इक फ़ूल भी नही, वीरान है जहां सारा
    इस जहान में है तो बस, गालिब तेरे शेर का सहारा

    1. Pradeep Sumanakshar Avatar

      बहुत खूब, भी दो जगह लग गया है।

  2. Shakun Saxena Avatar

    बढ़िया।।
    क्रप्या नव वर्ष आने को है कविता को वोट करें।

  3. Abhishek kumar

    Nice

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