फिर तू मुझे छल गया

गरूरनजर में तेरी, मेरा सर झुका रहा

तूने जब आवाज़ दी, दिल ने पलट कर कहा

शायद तूँ बदल गया, घर मेरा मुझे मिल गया

फिर तू मुझे छल गया, दिल से मेरा घर गया

                                                       …… युई

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2 responses to “फिर तू मुझे छल गया”

  1. Abhishek kumar

    👏👏

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