कोई कोना जिस्म का

कोई कोना जिस्म का
उड़ के बैठा किसी कोने में
अब सफर साँसों का गुजरता है
कभी जिस्म में कभी, किसी कोने में
राजेश’अरमान’

Comments

2 responses to “कोई कोना जिस्म का”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. nitu kandera

    Very good

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