कोई तो दे दो वजह जीने की…..

कोई तो दे दो वजह जीने की

वरना मत पूछो वजह पीने की।

दर्द अब आ गया है सहना तो

क्या जरुरत है जख्म सीने की।

मेरी खता नहीं तो कैसी सजा

बात कुछ तो करो करीने की।

कोई कह दे कि याद करते हैं

आग बुझ जाये कुछ तो सीने की।

न गले लग के अब मिले हमसे

न फिर आई महक पसीने की।

———सतीश कसेरा

 

Comments

5 responses to “कोई तो दे दो वजह जीने की…..”

  1. Panna Avatar

    Ache alfaaz…shaandar Zajbaat

  2. satish Kasera Avatar
    satish Kasera

    Thanks Panna

  3. राम नरेशपुरवाला

    Good

  4. Satish Pandey

    वाह वाह, बहुत खूब

  5. Satish Pandey

    nice

Leave a Reply

New Report

Close