सो जाते हैं हम

 

सो जाते हैं हम

अधूरेपन की थपकी
उधेड़बुन वाली लोरी
कल परसों की सिसकी
और किसी दी हुई हिचकी
लिए सो जाते हैं हम

सपनों की तकिया
सुकून की रजाइयाँ
अनजान से सन्नाटे
और अटकती सांसो के ख़र्राटे
लिये सो जाते हैं हम

~अम्बरीश

Comments

One response to “सो जाते हैं हम”

  1. Ritika bansal Avatar
    Ritika bansal

    bahut khoob

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