खत्म हुई है कहानी आज बरबाद हुई जवानी आज।
दुल्हन बनके चली गई है मेरे दिल की रानी आज।
नजरें झुका के रहती थी, तेरी हूँ हरदम कहती थी।
गोद में सिर मैं रखता था, वजन वो मेरा सहती थी।
छूट गया है उनका साथ,दिल में बाकी रह गयी याद।
कानों पर गुंज रही है सिसकी भरी उसकी फरियाद ।
खत्म हुई कहानी……………………………
गीत प्यार के गाता हूँ, मैं तुमको भूल नहीं पाता हूँ।
उतनी ही तुम याद आती हो, जितना मैं भुलाता हूँ।
यादों की निकली बरात, सावन में बरसती आग।
शोर-शराबा मत करना, कदम रखो अपने चुपचाप ।
खत्म हुई कहानी आज…………………….
जब खत तुम्हारा पढ़ता हूँ, आंसूओं से मैं लड़ता हूँ।
डूब रहे है अक्षर सारे,रुको अभी मैं सम्हलता हूँ।
बिछड़ गया है जबसे यार , तबसे जीना है बेकार।
मरता रहा गर युं ही प्यार,डूब जायेगा ये संसार।
खत्म हुई कहानी आज……………………
वादे सारे बिखर गये,सपने पलकों पर ठहर गये,
शमशान नजर आया शहर में चाहे हम जिधर गये।
धीमे धीमे जलती आग,जली है चिता ढूढ़ो राख।
कान लगाकर सुनना लेकिन अस्थि दे शायद
आवाज
खत्म हुई कहानी आज………………………
मिलते थे जब नदी किनारे,दिलदार थे हम तुम्हारे।
हमारी कहानी कहती थी गाँव के सारे चौंक चौबारे।
चौराहों पर अब विवाद, सोनी करती है फरियाद।
महिवाल की खोज में निकल चुके हैं शहरों के सारे सैयाद।
खत्म हुई कहानी आज……………………..
ओमप्रकाश चंदेल “अवसर”
पाटन दुर्ग छत्तीसगढ़
7693919758

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.