मैहर वाली माई के ,
मनावै के होई |
जागि जागी जगत के ,
देखावै के होई |
दुनिया में माई को ,
बतावै के होई |
नारियल माला फूल ,
चढ़ावै के होई |
माँ की ममता गितिया ,
सुनावै के होई |
निमिया दरिया पालना ,
झुलावै के होई |
माई के चुनरी ,
चढ़ावै के होई |
“मैहर वाली माई”
Comments
4 responses to ““मैहर वाली माई””
-

bahut sundar 🙂
-
Ritika bansal replied जी हार्दिक अभिनंदन
-
-
धन्यवाद !
“माँ का दूध? ”
तिमिर को हटाकर ,
देश को बता रहा |
माँ का पीया दूध अब,
देश को दिखा रहा|
खुद तो गुन-गुना रहा,
आपको समझा रहा|
देश है हमारा यहरहा ,
पी ओ के जमी हमारी रही| -

वाह
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.