कहीं कोहरे की धुंध के पीछे छुप गए हैं …

कहीं कोहरे की धुंध के पीछे छुप गए हैं मेरी सफलता के सभी रास्ते,
जितना भी करीब जाता हूँ उतने ही दूर मेरे रास्ते नज़र आते हैं,
यूँ तो दायरा है मेरे इर्द गिर्द कितनी ही दुआओं का मगर,
मन्ज़िल पर मेरे पहुंचने से पहले शायद किसी की बद्दुआयें पहुंच जाती हैं॥
~ राही (अंजाना)

Comments

One response to “कहीं कोहरे की धुंध के पीछे छुप गए हैं …”

  1. Abhishek kumar

    Nice

Leave a Reply

New Report

Close