खामोशी

तेरी खामोशी ने ही बिखेर दिया मुझे सफ़हों पर।

और मेरी तमन्ना थी कि तेरी बाँहों का सहारा मिले।

Comments

One response to “खामोशी”

  1. Abhishek kumar

    Awesome

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