सिर्फ मधु ही नहीं

तुम्हारे होठों का

सिर्फ मधु ही

मुझे प्यारा नहीं

बल्कि प्यारी लगती हैं

वो कड़वी बातें भी

जो तुम कहती हो

क्योंकि वो होती हैं

हमेशा ही

मेरे भले की।

 

                                              –   कुमार बन्टी

 

Comments

6 responses to “सिर्फ मधु ही नहीं”

  1. Abhishek kumar

    Waah

  2. Kanchan Dwivedi

    Nice one

  3. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत खूब

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