ग़ज़ल

ग़म को आराम नही होना चाहिए
अब तुम्हें हार ऐलान करना चाहिए
अपने साये को खुद पत्थर मारेंगें
शर्त है कि दोस्त खुश होने चाहिए
दिल,वो भी खाली क्या बात करते है
इश्क़ न हो,दुश्मनी जरूर होनी चाहिए
ये दुनिया वाले भी अजीब होते है
अकेले तो है पर व्यस्त होने चाहिए
#VIP~

Comments

4 responses to “ग़ज़ल”

  1. Vipul Avatar

    सादर आभार

  2. Abhishek kumar

    Nice

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