बात कह रहे हैं

छोटे हैं मगर ये बड़ी बात कह रहे हैं,
दो रोटी को तरसते ये हालात कह रहे हैं,

छोड़ने को तैयार नहीं एक दूजे को अकेला,
हाथों में डाले ये हाथ कह रहे हैं,

ये लम्हा बड़ी मशक्कत से कमाया है राही,
चेहरे ये जिद्दी सब साफ़-साफ़ कह रहे हैं॥
राही (अंजाना)

Comments

5 responses to “बात कह रहे हैं”

  1. Panna Avatar

    नहीं पढ़ी अरसे से ऐसी कविता हमने
    हम ये बात आज साफ़ कह रहे है

    1. Shakun Avatar

      भाई पन्ना इस कविता को एक पिक्चर पर लिखा है मैने आप राही अंजाना फेसबुक पे जुड़िये कृपया

  2. Anirudh sethi Avatar
    Anirudh sethi

    nice

  3. Abhishek kumar

    Good

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