मुक्तक

प्यार का इज़हार होने दीजिए।
गुल चमन गुलजार होने दीजिए।
खास हो एैसा ही, कोई पल दे दो,
वक्त को हम – राज होने दीजिए।

योगेन्द्र कुमार निषाद
घरघोड़ा ,छ०ग०

Comments

5 responses to “मुक्तक”

  1. Panna Avatar

    नायाब प्रयास योगी जी

    1. Yogi Nishad Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय

  2. Yogi Nishad Avatar

    बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय

  3. Abhishek kumar

    Nice

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