सुकूँ

सुकूँ कुछ ऐसा मिलना चाहिए जिंदगी को,

जैसे तेरे नर्म हाँथो पे मेरे हाँथ होने का एहसास हो।।

-मनीष

Comments

3 responses to “सुकूँ”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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