Manish Upadhyay's Posts

रुख़्सत कुछ इस तरह हो गए

रुख़्सत कुछ इस तरह हो गए वो जिंदगी से मेरी, मानो बिन मौसम की बरसात झट से गिरकर तेज़ धूप सी खिला जाती हो, कम्बख़त मुझे थोड़ा तो भींग लेने देते कुछ देर उसके जाने के बाद उसके होने का एहसास तो कर लेता।। -मनीष »

आज गिर गई बूँदें हज़ार

आज गिर गई बूँदें हज़ार, क़ुदरत ने बड़ा शोर मचाया है, समझा था उसकी ख़ुशियों का फुहार है ये वो तो देखते ही देखते तबाही का मंज़र सा ले आया।। -मनीष »

तेरी हर बात में मजेदारी है

तेरी हर बात में मजेदारी है तेरी हर याद बड़ी प्यारी है, मुश्किल के वक़्त तू हँसा देती है और मेरी हर बदमाशियों को तू छुपा देती है ये प्यार, ये दुलार तेरा हमेशा सबसे ऊपर रहेगा भाई-बहन के प्यार का ये पावन त्यौहार हमेशा तेरे प्यार को समर्पित रहेगा।। -मनीष »

गम की अँधेरी रात में

गम की अँधेरी रात में, तू दिल को बेकरार न कर आसमान के वही तारे एक रोज़ चाँदनी रात भी लाएँगे तू थोड़ा इंतज़ार तो कर।। -मनीष »

क्या हिम्मत रखता था तू

क्या हिम्मत रखता था तू डरता था न मौत से, ठान लिया जब जीतने की सफलता मिली हर ओर से तेरे रुतबे ने ही तो कइयों को राजनीति से प्रेम कराया है, अटल हमेशा अटल रहेगा उसने हर दिल में नाम कमाया है।। -मनीष »

रण में उतर जा

रण में उतर जा प्रण कर ले, लड़ते जा तब तक जब तक तू कीचड़ के ढेर में कमल स न खिले, मंज़र कैसा भी हो, ताकत अपनी झोंक दे हिम्मत को हमेशा आगे रखकर मुश्किलों को तू दबोच दे हैरान कर दे दुनिया को अपने नेक कामों से छा जा दुनिया में तू हर इंसान के सम्मानों से, भूलना मत तू खिला कीचड़ के ढेर में से है तेरा नाम हमेशा हमेशा बुलंद रहेगा क्योंकि तेरी इज़्ज़त तेरे प्रेम से है।। -मनीष »

आजादी

सालों पहले मिली आजादी के बाद भी आज हम खुद से लड़ रहे हैं हम कैसे मान लें कि हम प्रगति की ओर आगे बढ़ रहे हैं, कहीं सरहद पर पूरे उत्साह से खड़ा जवान देश की सेवा के अवसर से गरवांवित है तो कहीं देश के सीने में शिक्षा देते संस्थानों की छाती पे खड़े होकर कोई आज़ादी के नारे लगा रहा, पक्ष-विपक्ष के इतिहास को बार-बार देश को सँभालने वाले दोहरा रहे हैं समझ नहीं आता क्यों इतने लंबे समय बाद भी एक दूसरे के अच्छे काम... »

अभी हम नशे में नहीं हैं इसलिए खुशियों भरा संदेश लिख पाए

अभी हम नशे में नहीं हैं इसलिए खुशियों भरा संदेश लिख पाए, नहीं तो दर्द लिखकर स्याही ख़त्म कर देने में हम माहिर हैं।। »

वो कहती है

वो कहती है लिखा हुआ आज सुना दो मैंने सिर्फ इतना ही कहा जुबाँ लड़खड़ा जाएगी एहसास बड़े गंभीर हैं -मनीष »

मैं ज्यादा तो नहीं

मैं ज्यादा तो नहीं थोड़ी सी बात तुझसे कहना चाहता हूँ, यार तो तुम अब भी लंगोटिया हो, बस समय के फेर में थोड़ा तुमसे कम रूबरू हो पाता हूँ विद्यालय के गलियारों में लम्हें जो गुजारे हैं हमने तुम क्या सोचते हो ये रंगीन रातें मुझसे दूर कर देंगी मेरे अपने मुसीबत को तो तू “टेंशन मत ले बे” कह के भगा देता था, चिंता के समय को तू खुद हँसता हुआ टाल देता था दिल में तो तू बहुत है पर चंद शब्दों में बयाँ ... »

कोई तंग है, कोई हैरान है

कोई तंग है, कोई हैरान है जिंदगी आज कुछ इस तरह से परेशान है चेहरे हँस रहे है फिर भी रौनक उनमें कम है शायद मन ही मन वो बहुत उलझा सा खुद में ही कहीं गुम है, सपनों को पूरा करने के लिए वो हर सुबह निकलते हैं दिन भर एक धुन में रहने के बाद वो रात की नींद से लड़ते हैं छोटे-छोटे बच्चों को खेलता देखता हूँ तो सब भूल जाता हूँ जीवन की इस दौड़ में भटक सा गया हूँ बार-बार मैं मन को यही समझाता हूँ बड़ी दौलत और शौहरत ब... »

वो बचपन वाला मैदान

वो बचपन वाला मैदान आज भी मेरे इंतज़ार में मुझसे मिलने को तरस रहा है, अब तो बादल भी गुस्से में है मेरे यार मेरे न होने पे वो सिर्फ गरज रहा है, सिर्फ गरज रहा है।। -मनीष »

इतने गर्म शहर में भी चुभ सी रही हैं

इतने गर्म शहर में भी चुभ सी रही हैं, ये सर्द हवा, ये शीतल सा पानी, ये सुकूँ भरी छाओं ऐ दोस्त कितना भटक स गया है न ये मन की मैं सुकून में भी सुकूँ भरा “मैं” नहीं ढूंढ़ पा रहा हूँ।। -मनीष »

ज़माने से बेपरवाह रहती है

ज़माने से बेपरवाह रहती है दुनिया के दिखावे से अंजान है माँ तू ऐसी क्यों है जो मेरी खुशियों में अपनी खुशियाँ संजोए रहती है।। – मनीष »

तेरा प्यार अनंत है माँ

हर पल मेरी परवाह करते थकती क्यों तू न है, माँ मुझको इतना बतला दे तेरा भी क्या सपना है।।   चंदा मामा के किस्से कहकर कैसे हँसते-हँसते तू लोरियाँ सुनाती थी माँ मझको इतना बतला दे इतना स्नेह कैसे तू लूटा पाती थी   तुझसे जो थोड़ा दूर हो जाऊँ पल-पल मझसे तू पूछते जाती थी कैसा है बेटा कहकर, खाना समय से खा लेने की सलाह दे जाती थी   मेरे सपने को अपना कहकर निस्वार्थ प्रेम जो तूने दिखलाया हर पल प... »

कितना भी ज़िद्दी बन जाऊँ

कितना भी ज़िद्दी बन जाऊँ, माँ थोड़ा भी न गुस्सा होती है, एक निवाला अपने हिस्से का खिलाकर माँ फिर चैन से सोती है।। -मनीष »

न तुम हो न हम हैं

न तुम हो न हम हैं फिर भी वो एहसास हर दम है, इशारों से बातें करना, मंद-मंद न चाह के भी मुस्कुराना, तेरी हर एक हलचल को मुझे तेरे करीब लाना, जिंदगी आज कुछ इस तरह से ही संग है न तुम हो न हम हैं फिर भी वो एहसास हर दम है कभी ज़ोर से चिल्लाना फिर मन ही मन उस गुस्से से दुखी हो जाना, हँसते-हँसते आँखों का नम हो जाना तेरे प्यार की ताक़त हर पल मेरे संग है न तुम हो न हम हैं फिर भी वो एहसास हर दम है बार-बार बिखरन... »

जीवन में तू ताकत देना उठने की,

कितना भी गिरूँ जीवन में तू ताकत देना उठने की, ऐ खुदा अस्त सूरज सा खूबसूरत दिखूँ और चढ़ते सूरज सा ऊर्जावान।। -मनीष »

कुछ संघर्ष को भी सीख ले

कुछ संघर्ष को भी सीख ले फिर जिंदगी को तू जीत ले, कभी मुश्किलों की हार से कभी तजुर्बे की मार से हौसला थोड़ा सा डिग जाएगा फिर भी तू लड़ता जाएगा कुछ संघर्ष को भी सीख ले फिर जिंदगी तू जीत ले जीत की क्या बात है हार के बाद जो मिली वो हमेशा खास है कभी तोड़ के फिर मरोड़ के अपनी आत्मा में तू झाँक के अपनी हिम्मत को फिर जोश से सींच ले कुछ संघर्ष को भी सीख ले फिर जिंदगी तू सीख ले -मनीष »

कोख़ से मैं कितना बचती रही

कोख़ से मैं कितना बचती रही, दुनिया में ला कर तुमने ठुकराया, शर्म मुझे है ऊपरवाले की इस रचना पर जहाँ जिस्म के भूखों को मैंने कदम-कदम पे पाया।। -मनीष »

जालियाँवाला बाग़ 13 अप्रैल

#जालियाँवाला_बाग़ #13अप्रैल कुछ दाग़ लगे जो इतिहास पे, वो दर्द बहुत दे जाते हैं, किस्से जब उसके सामने आते रूह तब-तब फिर काँप सी जाती है रोती है आत्मा मेरी भी जब जिक्र उस मंजर का आ जाता है क्रूरता के बद्तर ढंग को जलियाँ वाला बाग़ की बातें सामने ला जाती हैं नमन करता हूँ दिल से मैं भी उस कांड में हुए शहीदों को देश की ताकत कम न होने देने वाले देश के अद्भुत वीरों को।। -मनीष »

सुकूँ

सुकूँ कुछ ऐसा मिलना चाहिए जिंदगी को, जैसे तेरे नर्म हाँथो पे मेरे हाँथ होने का एहसास हो।। -मनीष »

ख़ुशियों के पल में तो …

ख़ुशियों के पल में तो ख़ुशियों ने बख़ूबी साथ निभाया, और जब-जब मन निराश हुआ तब-तब क़लम के माध्यम से बनी कविता ने शांति का एहसास कराया, मैं अपनी कलम के हर एक सफर को नमन करता हूँ मेरे लेख को समझने वाले हर एक सदस्य का आज विश्व कविता दिवस पर तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूँ। -मनीष »

सफरनामा

#सफरनामा जहाँ इंसान दुःखी होता है वहाँ ही सिर्फ अल्लाह या भगवान् के नाम से मिलता है नहीं तो सिर्फ और सिर्फ आगे बढ़ो का फ़रमान मिलता है।। -मनीष »

हार जीत

कल हार थी, आज जीत है आज जीत कर भी मैं अधूरा सा हूँ, ये जिंदगी की कैसी रीत है। -मनीष »

तेरी पहली पंक्ति में

तेरी पहली पंक्ति में मैंने तुझे शीशे सा टूटता हुआ देखा, और जब तूने दूसरी और अंतिम पंक्ति लिखी तो उसी शीशे के टुकड़ों को ज़मीन पर बिखरते हुए देखा, तेरे लेख से मैंने तुझको बार-बार करीब से देखा, जब-जब देखा तुझे शीशे की तरह टूटता हुआ ही देखा।। -मनीष »

जिंदगी कटती नहीं बिना खुद को आजमाने से

कुछ परेशानी से तो कुछ संघर्ष की कहानियों से, जीवन नहीं कटता बिना दुःख और दर्द की निशानियों से, कभी टूटता तन, तो कभी रूठता मन लम्हे कितने भी खूबसूरत क्यों न हों, हर खूबसूरती के पीछे छिपा है लंबे समय तक हुआ एक-एक पल का दम तुम कितना भी पस्त हो और कितना भी लस्त हो जाओ हार मत मानो इस तरह की स्थिति सामने आ जाने से क्योंकि जिंदगी नहीं कटती बिना दुःख और दर्द की निशानियों से, घर बनने में क्या समय लगता, महल... »

‘हम’

इतना चाहने पे भी तू सनम न हुआ, बस यही तो गम है कि तू ‘हम’ न हुआ की तू ‘हम’ न हुआ।। -मनीष »

कई क़िस्से, कई बातें

कई क़िस्से, कई बातें फिर हँसती खिलखिलाती मुलाकातें, उन दिनों की एक-एक यादें आज भी मेरे साथ हैं, तू जो छोड़कर चला गया अब क़लम ही एक विश्वास है, तेरे इश्क़ के अनुभव लिखने पे अंजानो में भी हम खास हैं, तेरा जो छूटा साया क़लम ने दुनिया से मिलवाया, चंद शब्द लिखकर हमने कई लोगों के दिल में जगह बनाया, तेरे इश्क़ का अनुभव मेरे जीवन का एक प्रमाण है ”वाह” जब-जब कोई साथी कहेगा उसमे तेरा भी सम्मान है।। -म... »

भारतीय रेल

#भारतीय_रेल लोहे की खिड़की पे सिर रखकर, सपनो को करीब से देखा है, पहियों के रफ़्तार से, अनुभव को भरपूर जीता है इस तरह यादें समेटे सफर चलता जा रहा, भारतीय रेल का ये साथ अनूठा अब हमसे न भूला जा रहा, -मनीष »

माँ तेरे प्यार को कैसे लिखूँ

माँ तेरे प्यार को कैसे लिखूँ, प्यारे से दुलार को कैसे लिखूँ, सुबह का जगाना और रात लोरी सुनना पल पल पूछे खाना खाले जो चाहे वही बनवाले फिर बोले घर जल्दी आना देर हो जाए तो पहले बतलाना, इस प्यारे से व्यवहार को कैसे लिखूँ माँ तेरे प्यार को कैसे लिखूँ मेरे कष्ट में तू टूट सी जाती, खुद की तकलीफ को झट से छुपाती, मुश्किल में तू मुस्काती, मेरी जीत में फिर उछल सी जाती तेरे इस एहसास को कैसे लिखूँ माँ तेरे प्य... »

जिंदगी भी कितनी अजीब है

जिंदगी भी कितनी अजीब है एक लंबे संघर्ष के बाद ही खूबसूरत सी जीत है, आँधी की तबाही के पहले हर बार सन्नाटा सा होता रौशनी तभी जीत पाती है सामने उसके जब अँधियारा होता, जिंदगी कितनी अजीब है दुःखी होते मन को हर बात पे कुछ न कुछ कम सा नज़र आता और जीत के जश्न में वही मन सब कुछ भूल सा जाता सूरज की क़द्र तभी खूब होती जब सर्द हवा का कहर हर जगह बरपा सा होता, अन्न की कीमत इंसान तभी समझ पाता जब अपना सा कोई सड़क कि... »

क़ाबिल

मैं भी अब कुछ करने के क़ाबिल हो गया हूँ, रुपयों से खुशियाँ खरीदने की दौड़ मे मैं भी शामिल हो गया हूँ #पहलीनौकरीकीख़ुशीमे -मनीष »

तेरी शान से ही तो हर पल मेरी शान है

महिला दिवस पर प्रत्येक महिला को समर्पित ये छोटा सा लेख।। तेरी शान से ही तो हर पल मेरी शान है, जहाँ-जहाँ तू कदम रखे वहाँ मेरा सम्मान है, निःस्वार्थ भाव से सेवा करके तू माँ होने का बख़ूबी अर्थ समझाती है, तो बेटी के रूप में ईश्वर का अस्तित्व दिखलाती है, जब तू ब्याह कर नए घर में आती है, तब मानो उस घर की तक़दीर ही बदल जाती है, तिरंगा को ऊँचा करके तू देश को गर्व कराती है, विपदा से निपटने के लिए तू ज्वाला ... »

इंसान की शक्ल में आज हैवान नज़र आया

इंसान की शक्ल में आज हैवान नज़र आया, की मैख़ाने के करीब कोई बदजुबान नज़र आया, कोई ज़माने पे इलज़ाम लागते नज़र आया तो कोई खुद को ही ऊपरवाले का पैगाम बतलाया, मैंने तब खुद को यह समझाया फ़िक्र न कर इनकी ये जोश चार बूँद के नशे से ही तो उभर कर आया किसी ने खूब नाम कमाकर भी अपने आप को ध्वस्त पाया, तो किसी ने इश्क़ में धोखे के नाम पर बार-बार जाम छलकाया, सुकूँ इस बात का मैंने जरूर पाया, की इंसान के चंद कष्टों और दु... »

क्यों मन हर पल रोता है

क्यों मन हर पल रोता है, डरता क्यों उससे जो होता है, तेरी हिम्मत तेरे हाँथो, फिर भी दहसत में क्यों सोता है, अपना एक तू लक्ष्य बना हर सफर का अंत एक दिन तो होता है, समय से क्यों घबराकर मन हर पल क्यों रोता है, मुश्किलों से न तू अपना अंत समझ इसके पार ख़ुशियों का झरोखा है लक्ष्य को हासिल कर लेगा तू जब तब कहेगा हर मुश्किल में भी एक मौका है इस बात को लेकर बढ़ता चल मन तू क्यों हर पल फिर रोता है, -मनीष »

जिंदगी संग तो हर दिन की यारी है

जिंदगी संग तो हर दिन की यारी है, तुम खुद ही बता दो मौत कब मिलने की तैयारी है।। -मनीष »

रंग बिरंगी होली

इस रंग बिरंगी होली की हर बात बहुत ही निराली है, जहाँ-जहाँ तक नज़रें जाती, मस्ती की हर तरफ तैयारी है, माँ के हाँथ के पकवानों को चखने किसी की घर जाने की तैयारी है, बचपन को जीवंत कर देने किसी ने पिचकारी फिर से थामी है, इन सब बात के आनंद में खो जाने की अब बारी है इस रंग बिरंगी होली की हर बात ही निराली है फिर मुखौटे के पीछे छुपकर, शरारत फिर से कर जाने की तैयारी है, गुलाल कहकर कड़क रंग से रंग देने की फिर ... »

आइना आज मुझे मुझसे मिलाया

आइना आज मुझे मुझसे मिलाया

आइना आज फिरसे सामने आया,  बीत चुके समय की उन मुश्किलों और गलतियों को मुझसे रूबरू कराया, थोड़ा हंसाया और थोड़ा रुलाया, जब बीते हुए पलों का चेहरा सामने आया तब गुम हो चुकी यादों को मैंने गले लगाया जब-जब मैं गिरा आईने ने मुझे मेरी ताकत का एक खूबसूरत चेहरा मेरे सामने लाया मेरे हौसले के चेहरे को आईने ने हमेशा हँसता हुआ दिखाया समय आगे बढ़ता गया और यादों का अंबार लगता गया पर जहाँ-जहाँ आइना चेहरे के सामने आया... »

हमेशा मुस्कुराते रहो

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26/11 के शहीदों को नमन, श्रद्धांजलि

26/11 के शहीदों को नमन, श्रद्धांजलि

मुश्किल है उस समय को याद करना याद फिर भी आ जाती है रोते तड़पते लोगो की तस्वीर सामने आ जाती है आतंक के शैतानो को सबक अपने सिखाया है अपनी जान देकर भी कइयों की जान बचाई है २६/११ की रात्रि को मुम्बई मई मे ताकत जगाई है २६/११ के शहीदों को नमन, श्रद्धांजलि. »

Those days are gone….

Those days are gone….

The days are gone, When we used to play in a small veranda which looked like a large playground. The days are gone, When we used to share our lunch-box in each and every corner of the classroom, the happiness of which was more than anything. The days are gone, When the bicycle ride felt like a flight. The days are gone, when a single penny would make us more happy than the big notes. The days are ... »

एक कदम कुछ खास लोगो के लिए!!!!

एक कदम कुछ खास लोगो के लिए!!!!

मुश्किल है ये सफर फिर भी हौसला कभी भी डिगता नहीं ठण्ड परीक्षा लेती है पर ये हौसला कभी भी झुकता नहीं चार दीवारी के सपनो को हम कहा से जाने इस नीले आकाश को ही अपना छत हमेशा माने सर्दी में ठिठुरते शरीर की उम्मीदें मात न खाती है कभी अलाव की गर्मी जीने की राह दिखा जाती है दिन तो काट जाती है लेकिन रात बहुत तड़पाती है घटते हुए तापमान के एहसास से रूह काँप सी जाती है कभी सर्दी की तेज़ हवाएं जीना सा मुश्किल कर... »

रो देता है मन मेरा भी!!

दुखी हो जाता है मन मेरा भी जब जब दुखी तुझे मैं पाता हूँ क्या बोलूँ मैं दर्द मेरा टूट सा पूरा जाता हूँ   कभी सुनकर खबर शहीदों की आत्मा मेरी भी रोती है एक माँ को बार-बार टूटता देख तकलीफ मुझे भी  होती है   हर पल धर्म पर लड़ते लोग समझ मुझे न आते हैं भाईचारे की भावना को ये सब शर्मशार कर जाते हैं   माँ बेटी की इज्जत करना हमारी संस्कृति ही हमे सिखलाती है फिर भे रो देता है मन मेरा जब निर्भया... »

I learn a lot from you.

You taught me the meaning of love and You taught me the meaning of life Whenever I fall you taught me How to stand and look forward to win Sometimes during the class and Sometimes between the rows Whenever I see you, met you, I see the god in you You are the portrait of my dreams and You are the power of my soul I always be indebted to whatever I learn from you Words are not enough to tell my love... »

हमेशा मुस्कुराते रहो

तुम धरती हो, तुम आसमान हो और तुम ही ये जाहां हो सूरज सा तेज और चाँद की चांदनी की तरह ही तो तुम ही हम सब की शान हो मुश्क़िलों जैसी चीज़ों का ना कोई एहसास हँसते खिलखिलाते चेहरो में दमकता सा आत्मविश्वास तुम्ही तो हम सब की आस हो हार जीत तो जिंदगी का एक हिस्सा है पर तुम्हारा हर चीज़ से लड़ने का हौसला जीत से कही ज्यादा खास है सुन्दर सी मुस्कान और चेहरे की मासूमियत हमेशा मुझे तुम्हारे और करीब लाती है सीखने क... »

बचपन की यादों के झरोकों से

बचपन की यादों के झरोकों से

वो समय की भी क्या बात थी, जब मुश्किलों की न कोई रात थी हम उछलते थे  कूदते थे और खुशियों की धुन में हमेशा खो से जाते थे   जब बड़ी बड़ी गलतियां भी रबर से मिटा दी जाती थी और टिफ़िन के खाने की महक मन को भर सा देती थी   वो समय की भी क्या बात थी जब कोई भी चीज़ में आगे निकलने की होड़ न होती थी हम नाचते थे झूमते थे और उस हर एक पल को दिल में समेट सा लेते थे जब चाँद जैसी मंजिल भी करीब लगती थी और अपने स... »

ONLY MOTHER CAN..

ONLY MOTHER CAN..

You teach me how to speak You teach me how to eat Whenever I felt low You teach me how to be strong You are the one who teaches me how to behave and care each and everyone You are the sunshine of my day and you are the moon of my night You always the one who knows me best You are the one who teach me how to dream and How to work for achieving those dreams You are the strongest women I ever see in ... »

मैंने जिंदगी को करीब से देखा है!!

मैंने जिंदगी को करीब से देखा है!!

मैंने सपनो को टूटते हुए देखा है मैंने अपनों को रूठते हुए देखा है मेरी क्या औकात है तेरे सामने ऐ जिंदगी मैंने तो अपने आप को हे अपने आप से टूटते हुए देखा है – मनीष »

Get well soon #Hanumanthappa

Get well soon #Hanumanthappa

I started dreaming when you falling asleep I worked day and night to make proud of my country I never afraid about the height of the mountain Or the deepness of the sea and fly like a vulture, swim like a whale, And now my story become an example for each and everyone This is my life friend You do not compare my dream under the scale of your imagination As i am ready to crack the deepness of the o... »

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