मुक्तक

तेरी यादों के कदम रुकते नहीं कभी!
तेरी जुल्फों के सितम रुकते नहीं कभी!
रोशनी उम्मीदों की जलती है हरदम,
तेरी चाहत के वहम रुकते नहीं कभी!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

4 responses to “मुक्तक”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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