रिस्तों का ख़याल……

रिस्तों का ख़याल रखना ज़िन्दगी का उसूल हो जाता है
के ये मोहोब्बत ही है साहीब, कभी कभी बेउसूल हो जाता है….!!

देव कुमार

Comments

2 responses to “रिस्तों का ख़याल……”

  1. Dev Kumar Avatar
    Dev Kumar

    Thanku so much Mithlesh ji

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