माँ मुझे भी इस दुनिया में ले आओ न
इस जग की लीला मुझे भी दिखलाओ न
खुले आसमान के नीचे मुझको घुमाओ न
अपनी ममतामई गोद में खिलाओ न
पढ़ा लिखा कर मुझे भी अफसर बनाओ न
गर्व से करूंगी नाम रोशन आप सबका माँ
मान और सम्मान सब दिलवाऊँगी माँ
पापा का भी हाथ मैं बटाऊँगी माँ
न मारो मुझको यूं तोड़ कर माँ
मौका तो दो कुछ कर गुजरने का माँ।।
अजन्मी बेटी की पुकार
Comments
9 responses to “अजन्मी बेटी की पुकार”
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Kya bat hai shandar post
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Thank u sir
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वाह बहुत सुन्दर
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Thank u sir
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Welcome neha ji
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वाह
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बहुत खूब
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गुड
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अजन्मी बेटी की दिल छूती पँक्तियाँ
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