गुड़िया

छोटी सी गुड़िया बड़ी सयानी हो गई,
ख़्वाबों से निकल के कहानी हो गई,

पलकों पर रखी बड़े सहेज कर बरसों,
आज आँखें ही उसकी ज़ुबानी हो गई।।
राही (अंजाना)

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