चाहतों की चाह में बहुत आगे निकल आये

चाहतों की चाह में बहुत आगे निकल आये,
कुछ लोग देखो अपनों से आगे निकल आये।।
राही अंजाना

Comments

2 responses to “चाहतों की चाह में बहुत आगे निकल आये”

Leave a Reply

New Report

Close