मुख पर हँसी और दिल में दर्द लिए बैठे हैं

मुख पर हँसी और दिल में दर्द लिए बैठे हैं,
कुछ लोग इसी तरह हमें गुमराह किये बैठे हैं,

रहते हैं साथ मगर खुद से दूर किये बैठे हैं,
कुछ लोग जलकर भी रौशनी किये बैठे हैं।।

राही (अंजाना)

Comments

7 responses to “मुख पर हँसी और दिल में दर्द लिए बैठे हैं”

  1. ज्योति कुमार Avatar
    ज्योति कुमार

    Wash sir

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