अभी तो बचा है बदलाव का बीज बनना है

कोई जमीन अभी भी है जहां मैं अभी तक गया नहीं हूं
कोई आकाश बचा है अभी भी जहां मुझे पहुंचना है
दो परतों के दरम्या मैं ठहरा हआ
अभी तो बचा है बदलाव का बीज बनना…

Comments

4 responses to “अभी तो बचा है बदलाव का बीज बनना है”

  1. Panna Avatar
    Panna

    nice poetry..बदलाव का बीज..nice

    1. Ajay Nawal Avatar
      Ajay Nawal

      thanks bro

  2. Satish Pandey

    दो परतों के दरम्या मैं ठहरा हआ
    बहुत खूब

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