आज मेरे आंगन में आफ़ताब आया है
सर्द दिन में लगता है ख्वाब आया है
नये नये रंगो में नहाया हुआ
जिंदगी का नया पैगाम आया है
आज मेरे आंगन में आफ़ताब आया है
Comments
8 responses to “आज मेरे आंगन में आफ़ताब आया है”
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जो छुप जाता था , अब्रो की ओट में ….
वही मिलने मुझ से सरेआम आया है…..Nice oneeeeeeeeeeee…..ji
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nice..pankaj..and thanks 🙂
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waah g waah… kya khul k aapne haal-e-dil farmaaya hai….
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thanks sheetal
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bht khoob!!
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thanks ankit 🙂
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वाह
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जिंदगी का नया पैगाम आया है
वाह वाह
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