डरते डरते ही सही मैनें आखिर वो बात कह ही दी जो लफ़्जों में कभी ढल ना सके वो अहसास आज बयां हो ही गये मगर दिल अभी भी गमगीन सा बैठा हुआ है जो […]

दोस्त बचपन के याद बहुत आते है जब बिछड़ जाते है कहां बयां हो पाते है जज्बात लफ़्जों में अधूरे ही रह जाते है मुकम्मल होने की हसरत में शरारतें, मस्ती जिनसे होती थी मुकम्मल […]

सूनी सूनी रातों में कभी कोई दस्तक दे जाता है मेरे दिल के दरवाजे पर… कभी कोईे चेहरा नहीं दिखता बस आहट होती है हल्की सी और कुछ कदमों की आवाज जो मचा देती है […]

बहुत याद करते है हम आपको क्या कभी आपके ख्यालों मे हम भी आते हैं होती है गुफ़्तगू कई दफ़ा दिन में क्या कभी आपके सपनों में हम भी आते हैं काश कभी ऐसा भी […]

क्या कहूं, क्या लिखूं कुछ समझ नहींं आता कुछ बाते हैं जो लफ़्ज का साथ ही नहीं देती कुछ बाते हैं जो दफ़न है जहन में कुछ बातें अनकही ही रह जाती है कुछ न […]

ख्वाहिश है बहुत दिल की आंखो में गम है बहुत ज़हन में है इक अजीब सी खामोशी होती है घुटन हरदम अब नहीं ख्वाहिशों का कत्ल करने को जी करता है खामोशी को चीरने को […]

किसी ने कहा था कभी कि मैं उड नहीं सकती अब जमाना मेरी उडान देख के हैरान है कभी लोग मेरी खामोशी की शिकायत करते थे अब मेरे बोलने से परेशान है आज तक समझ […]

बेहद ही खूबसूरत है जिंदगी हर पल नयी, नूतन झिलमिलाती, चमकती हुई आंखों में ख्वाबों के पुल बनाती हुई कभी मुस्कुराती कभी रोती आसूओं में भी खुद का आईना दिखाती कभी चलती, कभी ठहरती बेहद […]

दीये जलने दो जरा कूछ उजाला हो जाए वैसे तो अंधेरे की आदत है आज कुछ अलग हो जाए जिंदगी गुजरी है सीधी सी आज रोकेट को कुछ टेडा कर के छोड देते है शायद […]

इक नज्म है जिंदगीजिसकी इबारतें हम लिखते हैगाते है, गुनगुनाते हैकई दफ़ा भूल भी जाते हैयाद करने, भूलने मेंलिखने औ मिटाने मेंये कारवां ए जिंदगी चले  

पलकों पर आंसू रहते हैदिल में जज्बात रहते हैकलम है जो कुछ कुछ लिख देती हैवरना होठ तो हमेशा खामोश रहते है आंखो मे आसमां रहते हैपांव बादलों पर रहते हैलेकिन चंद लम्हों के लिये […]