मकर संक्रांति

यूं तो भारतवर्ष, कई पर्वों त्योहारों का देश है।
भिन्न बोली-भाषाएं, खान-पान, भिन्न परिवेश है।

आओ मैं भारत दर्शन कराता हूं।
महत्त्व मकर संक्रांति की बताता हूं।
सूर्य का मकर राशि में गमन,
कहलाता है उत्तरायण।
मनाते हम सभी इस दिन,
मकर संक्रांति का पर्व पावन।
दक्षिणायन से उत्तरायण में सूर्य का प्रवेश है।
यूं तो भारतवर्ष, कई पर्वों त्योहारों का देश है।।

गुजरात, उत्तराखंड में उत्तरायण कहते।
इस दिन पतंग प्रतियोगिता हैं करते।
उड़ाते उन्नति की पतंग,
बांध विश्वास की डोर संग।
भरता जीवन में उमंग,
देख आसमान रंग- बिरंग।
यह त्योहार जीवन में, सभी रंगों का संदेश है।
यूं तो भारतवर्ष, कई पर्वों त्योहारों का देश है।।

पंजाब, हरियाणा में माघी, तो
दक्षिण भारत में पोंगल मनाते।
इस दिन लोहड़ी और बोगी जलाते।
करते सकारात्मकता की अग्नि प्रज्वलित।
कर नकारात्मकता की आहुति सम्मिलित।
सभी मिलकर गाते खुशियों के गीत,
कामना कर भविष्य हो उज्जवलित।
हम भी करते दहन, अपने ईर्ष्या और द्वेष हैं।
यूं तो भारतवर्ष, कई पर्वों त्योहारों का देश है।।

बिहार, उत्तर प्रदेश में इसे खिचड़ी कहते।
इस दिन दही-चूड़ा, खिचड़ी ग्रहण करते।
आत्म शुद्धि हेतु, प्रथा गंगा स्नान का।
महत्त्व है सूर्य देव के आह्वान का।
पुण्य प्राप्ति हेतु, महत्व है दान का।
यह पर्व है, पौराणिक ज्ञान का।
सुने हमने कई गाथा, कई संतों के उपदेश हैं।
यूं तो भारतवर्ष, कई पर्वों त्योहारों का देश है।।

असम में बिहु, शेष भारत में,
इसे मकर संक्रांति कहते।
तिल, गुड़ की मिठास के संग,
फसल कटाई का उत्सव करते।
यूं तो त्योहार एक है।
प्रांतिय नाम अनेक हैं।
अनेकता में एकता का प्रतीक, भारत विशेष है।
भिन्न बोली-भाषाएं, खान-पान, भिन्न परिवेश है।
यूं तो भारतवर्ष, कई पर्वों त्योहारों का देश है।।

देवेश साखरे ‘देव’

Comments

6 responses to “मकर संक्रांति”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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